सफलता नाम सुनते ही सब को अच्छा लगता है
सब उस व्यक्ति की तरह बनना चाहते हे ज्यो की सफल हुआ हे
परन्तु ये कोई नही सोचता की इस सफलता को कैसे पाया है उसने । सभी सिर्फ उसके साक्षात्कार को देख के अंदाज लगा लेते हे की ये सफल होके कितना खुश है
परन्तु उसके मन की व्यथा को कोई नही जानता । की इस सफलता के लिए उसने कितने रिश्तो को छोड़ना पड़ा
कितनी जिलते झेलनी पड़ी ।
कितनी मेहनत करनी पड़ी ।
कितने लोगो को अनजाने में दुःख पहुचाना पडा ।
कैसे मन को स्थिर रखन तो उसे रखना पडा ।
सफलता दिखने में और सुनने में जितनी सुन्दर लगती है
उतनी ही कड़वे सच वाली होती है
परन्तु ये कड़वा सच कोई भी सफल व्यक्ति नही बताता है
ये कहावत तो आप ने सुनी ही होगी
कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता हे
परन्तु मेरे हिसाब से सफल व्यक्ति सफल होते होते अकेला रह जाता है
दुनिया उस कोसने लगती है
और जब वो सफल होता है तो दुनिया उसके तलवे के नीचे होती है
परन्तु य सफर उसे दुनिया से अलग बना देता है
ये एक कड़वा सच है
अंजी कानावत